Tuesday, March 10, 2009

आज खूब खेली होली !!

{आज बहुत दिनों बाद ब्लॉग पर कुछ लिख रहा हूँ ,सोचता हूँ शुरुआत करूँ !! देखते है कब होता है ....}
~~~~~ " आज खूब खेली होली " ~~~~~

होने को चली थी गोधुली ,
अब जा के मेरी आँखें खुली !
बिस्तर छोड़ा, मम्मी-पापा से बात किया
और दिल से उनदोनो को नमन किया !
फ़िर निकल पड़ा खेलने होली !
पास ही बेनुगोपाल मन्दिर के प्रांगन में जमती थी सा-रा-रा-रा की टोली ,
वहां से बुलावा आया और मैंने उस ओर रुख कर ली !

रास्ते में लोग देखते , मिलते , चेहरे पर होली का रंग टटोलते
और आश्चर्य से पूछते
अरविन्द तुमने होली नही खेली ?
मैं जबाब देता - "निंदिया रानी से इश्क लड़ाने से फुर्सत ही नही मिली "!

कोई १००-२०० कदम चला होगा !
पास ही मजदूर के बस्ती का एक ६-७ साल का बच्चा ,
फटा पेंट पहने , उपर नंगा बदन ,लाल-पीले रंगों से लटपट
जोर-जोर से रो रहा था !
झटके मन बोल उठा -"लगता है खूब खेली है इसने होली ,दोस्तों ने कपड़ा फार दिया होगा !
पास ही उसकी माँ बैठी थी !
गौर से देखा तो लगा ,वो भी बेबस और रुआंसी थी !
किसी ने बताया की ,
बच्चा दिन भर से भूखा पुआ के लिए रो रहा था !
माँ काम करने गई थी, और इसके घर पे आज चूल्हा ही नही जला था !
" भूखा तो मैं भी था दिन भर से , लेकिन मेरे अकाउंट पर मेनेजर ने पैसा चढा दिया होगा "!


याद है, मैंने अन्तिम और पहली बार एक बच्चे को पैसा दिया था !
वो भी ट्रेन पर गाना सुनाने के बाद जब उसने अच्छा इंसान बनने का वादा किया था !
वो भी गंदे कपडों में ,बोतल चुनने वाला था !
मेरे दोस्तों ने मुझे उसे छूने से मना भी किया था !!!

और फ़िर आज पता नही क्या छू गया मुझे ,
तुंरत जेब टटोला ,२० रुपया जो गुलाब खरीदने रखा था !
उस बच्चे के हाथ थमा दिया !
अब रुख घर की ओर था , और उसे धीरे से बोला "आज खूब खेली होली " !!!!!!!!






2 comments:

half moon and fistful of dreams said...

kya bat hai yaar....ur holi was really colorful....speechless

arvind kumar said...

HE HE
TY BRO..